विश्व एनजीओ दिवस 27 फरवरी को मनाया जाता है।
2010 में बाल्टिक सागर के राज्यों की काउंसिल के IX बाल्टिक सागर के एनजीओ फोरम के 12 सदस्य राष्ट्रों द्वारा आधिकारिक रूप से इसे मान्यता दी तथा घोषित किया और संयुक्त राष्ट्र संघ, यूरोपीय संघ के नेताओं और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने 2014 में पहली बार चिह्नित किया।
विश्व एनजीओ दिवस के अवसर पर हम आपको एक बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास करने वाली एक संस्था 'समैरिटन्स ऑल अराउंड' के बारे में बताएंगे।
"मैं अमन कक्षा 12वीं का छात्र हूं। मैंने इस संस्था का गठन इसलिए किया क्योंकि मुझे लगता था कि हमारे देश में कुछ बच्चे एसे हैं जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन वह संसाधन की कमी के कारण पढ़ नहीं पाते। मुझे यह चीज अंदर से कचोटती थी। मैंने यह अपने मित्रों को बताया और उनके सहयोग से समैरीटन्स ऑल अराउंड नामक संस्था बनाई। आज हम हर रविवार को गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं व उनको भोजन कराते हैं।"
अमन अग्रवाल
(संस्थापक समैरीटन्स ऑल अराउंड)
-लेखक (मुहम्मद दानिश कमाल)
2010 में बाल्टिक सागर के राज्यों की काउंसिल के IX बाल्टिक सागर के एनजीओ फोरम के 12 सदस्य राष्ट्रों द्वारा आधिकारिक रूप से इसे मान्यता दी तथा घोषित किया और संयुक्त राष्ट्र संघ, यूरोपीय संघ के नेताओं और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने 2014 में पहली बार चिह्नित किया।
विश्व एनजीओ दिवस के अवसर पर हम आपको एक बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास करने वाली एक संस्था 'समैरिटन्स ऑल अराउंड' के बारे में बताएंगे।
समैरिटन्स ऑल अराउंड संस्था मेरठ के कुछ छात्रों के द्वारा झुग्गी - झोपड़ी में रहने वाले गरीब और असहाय बच्चों को शिक्षित करने के लिए पहल है । मेरठ पब्लिक स्कूल , दीवान स्कूल के छात्र - छात्राओं ने अनूठा प्रयास किया है । 12 वीं कक्षा में पढ़ रहे रहे अमन ने बताया कि उन्होंने समेरिटन्स ऑल अराउंड संस्था का गठन गत वर्ष किया है । जिसमें अधिकांश 12वीं कक्षा के छात्र छात्राएं हैं व मेरठ पब्लिक स्कूल की एक अध्यापिका प्रीती कौशिक भी इससे जुड़ी हैं वह छात्रों का मार्गदर्शन करती हैं।कुछ काॅलेज के छात्र भी संस्था से जुड़े हैं। संस्था से जुड़े छात्र गरीब बच्चों को पढ़ाने का अभियान चलाते हैं व बच्चों को शिक्षित करने के लिए सप्ताह में रविवार को तीन घंटे बच्चों को पढ़ाते हैं। समैरिटन्स बाइबिल का शब्द है जिसका अर्थ है मदद करने वाला । संस्था से जुड़े छात्र अपनी पाकेट मनी से इन गरीब बच्चों की मदद करते हैं व उनके लिए पुस्तकों की व्यवस्था भी स्वयं करते हैं। यही नहीं गरीब बच्चों के लिए खास कार्यक्रम भी करते हैं व छोटी मोटी चोटों के लिए दवाएं भी देते हैं व पोष्टिक आहार भी देते है।
संस्था के संस्थापक अमन अग्रवाल अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़ने की अपील कर रहे हैं।
"मैं अमन कक्षा 12वीं का छात्र हूं। मैंने इस संस्था का गठन इसलिए किया क्योंकि मुझे लगता था कि हमारे देश में कुछ बच्चे एसे हैं जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन वह संसाधन की कमी के कारण पढ़ नहीं पाते। मुझे यह चीज अंदर से कचोटती थी। मैंने यह अपने मित्रों को बताया और उनके सहयोग से समैरीटन्स ऑल अराउंड नामक संस्था बनाई। आज हम हर रविवार को गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं व उनको भोजन कराते हैं।"
अमन अग्रवाल
(संस्थापक समैरीटन्स ऑल अराउंड)
-लेखक (मुहम्मद दानिश कमाल)




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